LAW'S VERDICT

सिंगरौली में ‘यमदूत’ बने कोयला-राख ढोने वाले वाहन!



जिला योजना समिति को हाईकोर्ट ने दिए विधि अनुसार कार्रवाई के निर्देश

जबलपुर।  सिंगरौली में कोयला और राख ढोने वाले भारी वाहनों से हो रहे हादसों को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस संजिव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा है कि इन भारी वाहनों के आवागमन मार्गों पर जिला योजना समिति जल्द से जल्द विचार करे। कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे अपना आवेदन जिला योजना समिति के समक्ष प्रस्तुत करें, जिस पर विधि अनुसार शीघ्र निर्णय लिया जाए।

 संकरी सड़कों पर 24 घंटे ‘खतरा’

यह याचिका नवनगर निवासी एक्टिविस्ट राजेश कुमार सोनी द्वारा दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि बरगवां–परसौना, परसौना–राजमिलान, रेलवे स्टेशन मोरवा से जयंत रोड, सुलियारी माइंस मार्ग, एनटीपीसी बलियारी से वैढ़न होते हुए बरगवां और गजराबारा रोड जैसी संकरी और जर्जर सड़कों पर कोयला व राख के ओवरलोड वाहन 24 घंटे चलते रहते हैं। आरोप था कि अलग बायपास या समर्पित परिवहन मार्ग न होने के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है

हाईकोर्ट का संतुलित रुख

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ईशान सोनी ने याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा। कोर्ट ने सीधे आदेश देने के बजाय स्थानीय स्तर पर समाधान का रास्ता दिखाते हुए मामला जिला योजना समिति के पास भेज दिया। अब नजर इस बात पर है कि जिला योजना समिति कितनी तेजी से इस गंभीर मुद्दे पर निर्णय लेती है क्योंकि सिंगरौली में कोयला परिवहन विकास की जरूरत जरूर है, लेकिन जनता की सुरक्षा उससे भी बड़ी प्राथमिकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post